पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों सहित पशुओं का नियमित टीकाकरण कराने और बच्चों को अनजान या आक्रामक जानवरों से दूर रहने के लिए किया जागरूक
Konta
बीते दिन विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर DIG OPS रेंज कोन्टा में स्थित सीआरपीएफ CRPF मुख्यालय में कमांडेंट विजय शंकर के मार्गदर्शन में विश्व रेबीज दिवस मनाया गया। 217वीं बटालियन सीआरपीएफ मुख्यालय परिसर में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर रेबीज रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट विजय शंकर ने बताया कि रेबीज एक गंभीर एवं जानलेवा बीमारी है, लेकिन उचित सावधानी और समय से उपचार कराने से इससे बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि लोगों को डॉग या अन्य संक्रमित पशु के काटने अथवा खरोंचने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल घाव को साबुन एवं बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी किए चिकित्सकीय उपचार लेकर आवश्यक एंटी-रेबीज टीकाकरण करवाना चाहिए ।
कमांडेंट ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे पशुओं के साथ सुरक्षित व्यवहार करें, आवारा पशुओं को छेड़ने से बचें तथा किसी भी पशु के काटने या खरोंचने की घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत अपने अभिभावकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को इसकी जानकारी दें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यकतानुसार RIG लगवाएं
इस अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. यारम प्रतिमा, पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि रेबीज 100 प्रतिशत जानलेवा बीमारी है, लेकिन सही समय पर बचाव और उपचार से इससे बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि “Prevention is better than cure” अर्थात “इलाज से बेहतर है बचाव।” पालतू कुत्तों एवं बिल्लियों सहित पशुओं का नियमित टीकाकरण कराएं और बच्चों को अनजान या आक्रामक जानवरों से दूर रहने के लिए जागरूक करें।
डॉ. ने बताया कि रेबीज केवल कुत्तों से ही नहीं, बल्कि बिल्ली, बंदर, लोमड़ी, सियार, भेड़िया, चमगादड़, रैकून, स्कंक, कोयोट, नेवला, वीजल तथा गाय, घोड़ा, भेड़, बकरी और सूअर जैसे पशुओं से भी फैल सकता है।

उन्होंने कहा कि जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से 15–20 मिनट तक धोएं, किसी घरेलू नुस्खे का प्रयोग न करें और बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन एवं आवश्यकतानुसार RIG लगवाएं।
डॉ. ने सभी से जागरूक रहने, पशुओं का टीकाकरण कराने और रेबीज से बचाव के लिए समय पर आवश्यक कदम उठाने की अपील की । साथ ही, इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. यारम प्रतिमा (पशु चिकित्सा अधिकारी) ने स्थानीय लोगों के डॉग्स का ARV वैक्सीन का टीकाकरण किया ।
रेबीज के कारण, लक्षण, बचाव के उपाय तथा पशु के काटने के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। उपस्थित जवानों, ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने रेबीज से बचाव के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर 217 वीं बटालियन के अधिकारी और रेंज कोंटा के अधीन सभी वाहिनियों के डॉग एवं डॉग हैंडलर के साथ डीएव्ही स्कूल कोंटा के विद्यार्थियों तथा कोंटा के ग्रामीण ने उपस्थित थे ।






