किसानों की बड़े संख्या में फसल खराब होने तथा कृषि ऋण माफ करने मुआवजा की मांग सहित वनाधिकार कानून के तहत पट्टा वितरण करने की मांगों लेकर दिया धरना-प्रदर्शन
Konta
किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को बस्तरिया राज युवा मोर्चा के नेतृत्व में कोंटा बस स्टैंड परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए करीब आधे घंटे तक राज मार्ग 30 में चक्काजाम किया। मोर्चा का कहना है कि इससे पहले 7 सितंबर को भी जिला स्तरीय महाधरना प्रदर्शन किया गया था । लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है । आंदोलन के दौरान मोर्चा ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली कोंटा ब्लॉक को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को उचित राहत देने के साथ कृषि कर्ज माफ किया जाए। दूसरी पात्र ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टा प्रदान कर उनके अधिकार सुनिश्चित किए जाएं ।

तीसरी पोलावरम परियोजना से प्रभावित होने की आशंका वाले कोंटा ब्लॉक के गांवों और कोंटा नगर को डूबान से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर सरकार अपना रुख स्पष्ट करे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। इसके बाद मोर्चा की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया और चक्काजाम समाप्त किया गया ।
क्षेत्र के लोगों के जीवन और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर मांग
बस्तरिया राज युवा मोर्चा ने सरकार और प्रशासन से किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की। मोर्चा ने कहा कि सूखा राहत, वन अधिकार पट्टा और पोलावरम परियोजना से संभावित डूबान जैसे मुद्दे क्षेत्र के लोगों के जीवन और भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए इन पर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए। प्रदर्शन में बस्तरिया राज मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष सोढ़ी कोसा, माड़वी हिड़मा, राजेश नाग, इरफान खान, रमणा राव, मुचाकी बुधरा, कवासी राजू, सरपंच सरीयम सन्ना सहित मोर्चा के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।







