फर्जी पट्टों आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को लेकर बिगुल, तीन पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों को बीआरएम ने किया संबोधित, SIR में 2 हजार से अधिक नाम कटने का भी मुद्दा उठा
Sukma
आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को लेकर BRM बस्तरिया राज मोर्चा ने अपना बिगुल फूंक दिया है । सुकमा जिला के जगरगुंड़ा क्षेत्र के चिंतलनार, लखापाल, मुकरम पंचायतों के ग्रामीण किसानों के साथ बस्तरिया राज मोर्चा ने रविवार 1 नवंबर के तोंगगुड़ा में एक बड़ी बैठक आयोजित की ।
इस बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि अभिवाजित मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य बनने बाद चिंतलनार, लखापाल, मुकरम क्षेत्र के गांवों से किसान परिवारों के राजस्व पट्टों को नवीनीकरण के नाम से सभी पट्टों को जमाकर ले लिया गया । जिसके बाद से अब तक पट्टों को वापस नही किया गया है । ग्रामीणों का आरोप है कि हम लोगों ने सालों पटवारी के पास चक्कर लगाए किंतु आज कल कर करके पट्टों को वापस नही किया गया । और जब भी गये पैसों की मांग की जाती है । नियम-कानून की जानकारी के आभाव में ग्रामीण किसान अपना अधिकार एवमं लाभ नही ले पा रहे है । ज्ञात हो कि किसान परिवार नक्सल जैसे समस्याओं के चलते मुख्यालयों का चक्कर बहुत कम लगाया करते थे । ग्रामीणों को नक्सलियों ने किसी भी प्रकार का लाभ लेने के लिए उस दौर में बाध्य बनाए रखा था ।

BRM बस्तरिया राज मोर्चा की बैठक में सामने आए कई जटिल मुद्दे
कोण्टा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले चिंतलनार, लखापाल, मुकरम पंचायतों के ग्रामीण किसानों के साथ बीआरएम ने एक बैठक ली। बैठक में बाहरी लोगों द्वारा कथित तौर पर बनाए गए फर्जी पट्टों का मुद्दा उठाया गया। ग्रामीणों ने जांच कर वास्तविक हकदारों को न्याय दिलाने की मांग की। बैठक में उमड़े भीड़ को जिला पंचायत के उपाध्यक्ष महेश कुंजाम व जनपद उपाध्यक्ष माड़वी हिड़मा सहित बस्तरिया राज मोर्चा के पदाधिकारियों ने संबोधित किया । इस दौरान सभी ने नक्सलवाद समाप्त होने के बाद आदिवासियों को उनके हक अधिकार को समझने और आगे बढ़कर अपने मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया । साथ ही शासन-प्रशासन के नियमों के अनुरूप चलते हुए अपने गांव क्षेत्र को हर समस्याओं से दूर रखने तथा जमीन जैसे मुद्दों पर मुखर होते हुए बिगुल फूंक संघर्ष करने का आह्वान किया ।
SIR एसआईआर के तहत 2 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम कटने पर चिंता जाहिर की

सुकमा जिला में हाल ही में चले SIR एसआईआर प्रक्रिया के तहत सुकमा के कोण्टा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले पंचायतों पूवर्ती, जगरगुंडा, बेनपल्ली और मुकरम क्षेत्र से 2 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम काटने जैसे बातें सामने आई । जिसकी निष्पक्ष जांच और पात्र लोगों के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की गई । इसके अलावा पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून,वन अधिकार कानून, ग्रामसभा के अधिकार और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सरकारें बदलती रहीं, लेकिन यहां के मूल निवासियों की समस्याएं आज भी बनी हुई हैं ।
5 नवंबर को सुकमा में बड़ी आमसभा

बैठक में पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे आह्वान किया कि आगामी 5 नवंबर को सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित बड़ी आमसभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और अपने हक-अधिकारों की आवाज बुलंद करें । बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष महेश कुंजाम, उपाध्यक्ष माड़वी हिड़मा, जनपद सदस्य कवासी सोमनाथ, मुचाकी बुधरा, इरफान खान, कवासी राजू, एडवोकेट उमेश मरकाम, बामन कुर्रा, सरपंच, पोडियम हिड़मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे ।






