Sukma
बीते पांच दशकों से जारी संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ सहायिकाओ की संयुक्त संघ ने आज राज्य व्यापी एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के तहत कोण्टा बस स्टैंड परिसर में धरना दिया । ज्ञात हो कि राष्ट्रीय पिता महात्मा गांधी की 106वीं जयंती के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्रों की शुरुआत की गई थी । कोण्टा बस स्टैंड परिसर में सुबहा दस बजे से लेकर तीन बजे तक अपनी मांगों को लेकर विभिन्न पंचायतों से कोण्टा पहुंचे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने लगातार नारे लगाते हुए बस स्टैंड परिसर पर धरना-प्रदर्शन करते रहे । इसके पश्चात सैकड़ो में मौजूद कार्यकार्ता सहायिकाओं ने कोण्टा के मुख्य चौक तक रैली निकाल डिप्टी कलेक्टर निधि प्रधान को तहसील कार्यालय पहुंच अपना ज्ञापन सौंपा । विष्णु देव साय महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा विभागीय सचिव के नाम सौंपे गए ज्ञापन में लिखा । आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन में दिनचर्या की व्यवहारिक समस्या और हम मेहनतकश महिला कर्मियों को मूलभूत सुविधा की लाभ केन्द्र और राज्य सरकार से मिलनी चाहिए

लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी हम महिलाओं को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का उल्लेख करते हुए पांच सूत्रीय मांग रखी । जिसमें नियमितीकरण किया जाने। श्रम कानून के तहत तीस हजार रुपये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को और सहायिका को पच्चीस हजार पांच सौ दिए जाने । कार्यकर्ता को सुपरवाइजर पद पर सहायिका को कार्यकर्ता पद पर सीधे पदोन्नत किए जाने उम्र का बंधन खत्म कर किए जाने ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को समूह बीमा पेंशन, ग्रेच्युटी एवं पी एफ उपलब्ध कराया जाने ।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की आकस्मिक मृत्यु पर तत्काल अनुकंपा नियुक्ति एवं रिटायरमेंट पर 5 लाख रुपये और 3 लाख रुपये तत्काल दिए जाने तथा मध्यप्रदेश जैसे कार्यकर्ता सहायिकाओं को प्रति वर्ष एक हजार रुपये मानदेय में वृद्धि किए जाने की मांग रखी । वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने बढ़ते महंगाई के इस दौर में आर्थिक रूप से व मानसिक रूप से परेशान रखने की बात कहते हुए ।विभागीय काम के अलावा भी कई सारे काम हमेशा लिए जाने जिसके कारण विभागीय काम में बाधा उत्पन्न होने का जिक्र करते हुए मांगो का निराकरण करने की बात कही ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ के आंदोलन को बस्तरिया राज मोर्चा का समर्थन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ के धरना प्रदर्शन में बस्तरिया राज मोर्चा की टीम पहुंची और पंडाल में संबोधित कर उनकी मांगों का समर्थन किया। मोर्चा ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने हक और अधिकार की मांग कर रही हैं, किसी से भीख नहीं मांग रही हैं। उनकी लड़ाई जायज है। बस्तरिया राज मोर्चा आगे भी उनकी लड़ाई में कदम से कदम मिलाकर खड़ा रहेगा।
सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए और जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए कहते हुए अपना समर्थन दिया । इस दौरान बस्तरिया राज मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष सोढ़ी कोसा, माड़वी हिड़मा, राजेश नाग, इरफान खान, रमणा राव, मुचाकी बुधरा, कवासी राजू, सरपंच सरीयम सन्ना सहित मोर्चा के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे






