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बस्तरिया राज मोर्चा का 5 नवंबर को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन,चार प्रमुख मांगों को लेकर लामबंद होंगे हजारों ग्रामीण किसान

Sukma

सुकमा मुख्यालय में बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक व पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के नेतृत्व में जिला कमेटी की प्रमुख बैठक रविवार 25 अक्टूबर के रखी गई  । जिसमें बस्तरिया राज मोर्चा के जिले भर के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए  । बैठक में वनाधिकार पट्टा, फर्जी पट्टा निरस्त करने, सूखा राहत और किसानों का कर्जा माफ करने की मांग को लेकर 5 नवंबर को सुकमा जिला मुख्यालय में विशाल धरना प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाई गई  । सुकमा स्थित मोर्चा कार्यालय में आयोजित बैठक सोड़ी हांदा की अध्यक्षता में संपन्न हुई । बैठक में जिले के मूलवासियों को वनाधिकार कानून 2006 के तहत वन भूमि का पट्टा नहीं मिलने और मूल किसानों की कृषि भूमि पर बाहरी व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से अवैध पट्टा बनवाकर उन्हें जमीन के मालिकाना हक से वंचित करने के मामले पर चिंता जताई गई। वहीं कोंटा ब्लॉक में कम बारिश के कारण किसानों की फसल को हो रहे नुकसान पर भी चर्चा की गई ।बैठक के बाद सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि इन समस्याओं और किसानों की मांगों को लेकर 5 नवंबर 2026 को सुकमा जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा ।

मोर्चा ने इन प्रमुख चार मांगों को लेकर रखा धरना-प्रदर्शन

1. वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत पात्र परिवारों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पट्टा दिया जाए। व्यक्तिगत पट्टे के मामले में प्रति परिवार 10 एकड़ भूमि देने की मांग ।

2. सुकमा जिले के तीनों ब्लॉक कोंटा, सुकमा और छिंदगढ़ में फर्जी पट्टों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाने तथा जमीन पर वर्तमान में काबिज मूल किसानों को मालिकाना हक दिए जाने ।

3. कोंटा ब्लॉक के चिन्हित ग्रामों को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाने और किसानों का कर्जा माफ किए जाने  ।

4. सुकमा जिले के तीनों ब्लॉक में बाढ़ और कम बारिश के कारण प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने । जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर जिले के मूल निवासी और किसान लंबे समय से जमीन, वनाधिकार और खेती से जुड़ी समस्याओं का सामना करने । कम बारिश के कारण कोंटा ब्लॉक में किसानों की परेशानी और बढ़ जाने । प्रशासन इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाई जाने । जैसे मुद्दों को लेकर मांगें पुरी होते तक लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है ।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति


इस अवसर पर मोर्चा संयोजक मनीष कुंजाम, कवासी हांदा, आर. नेगी, आराधना मरकाम, महेश कुंजाम, लीना ओयामी, राजेश नाग, हड़मा मरकाम, कमला रमन्ना, इरफान खान, माड़वी हिरमा, रमणा राव, राजू कवासी, सोमनाथ कवासी, सन्ना सरियम, बुधराम, देवा वेट्टी, गंगा बघेल, आयती कलमू, संतोष इडो, लक्ष्मण नाग, कुमा पोडियाम, अंजू पोडियाम, आयता पटेल, प्रमोद मरकाम, पोदिया मरकाम, मनबोध सोड़ी, शैलेन्द्र मरकाम, बीड़ा माड़वी, नंदू कुंजाम, मानका सोड़ी, हीरालाल, बसंत पोडियाम, रामकुमार पोडियाम, उमेश मरकाम, जोगा वंजाम, हुंगा मुचाकी, बामन, गणेश, दुर्जन, जोगेश और लखमू सहित जिलेभर के सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य तथा छात्र, नौजवान और महिला मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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