Delhi
नई दिल्ली में बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के 7.75 मिलियन एकड़-फीट जल बंटवारे से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय गृह एवमं सहकारी मंत्री अमित शाह ने कहा लगभग 25 वर्षों से लंबित पूर्वी भारत के इस जल विवाद का समाधान मोदी जी द्वारा दी गई ‘टीम भारत’ की परिकल्पना और सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है । इस समझौते से बिहार तथा झारखंड की बड़ी आबादी को सिंचाई और पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगा। इससे दोनों राज्यों के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी। अगर सभी राज्य एक टीम बनकर आगे बढ़ें तो कोई भी समस्या ऐसी नहीं है, जिसका निराकरण न हो सके।
7.75 मिलियन एकड़-फीट जल आवंटन में बिहार को 5.57 और झारखंड को 2.0 MAF जल बंटवारे पर बनी सहमति

1973 से बाणसागर समझौते से जुड़ा यह विवाद अभिवाजित बिहार को 7.75 जल आवंटन तथा झारखूड को 2.0 MAF पानी आवंटन के तहत था । झारखंट से अलग होने के बाद 2000 में यह जल विवाद असमंजस में था । वहीं यह विवाद 25-26 वर्षो से अंतराज्जीय जल विवाद को समाप्त करता है । दो राज्यों के इस हस्ताक्षर समाधान के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल भी मौजूद थे ।






