Sukma
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीते वर्ष गठित बस्तरिया राज मोर्चा संगठन विस्तार लगातार जारी है । इसी क्रम में बीते दिन जिला मुख्यालय सुकमा में बस्तरिया राज मोर्चा का प्रथम स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया । उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर 2024 को ठीक एक वर्ष पहले कोया समाज भवन परपा (जगदलपुर) में BRM की स्थापना हुई थी। सुकमा के इस स्थापना वर्ष के प्रथम वर्षगांठ के अवसर में आयोजित आमसभा में हजारों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे बाद प्रारंभ हुआ और शाम 5:30 बजे तक चला इस महत्वपूर्ण सभा की अध्यक्षता कोया समाज के संभागीय अध्यक्ष हिरमो मंडावी ने किया । इस अवसर पर रामा सोढ़ी ने स्वागत भाषण के माध्यम से बस्तरिया राज मोर्चा के उद्देश्यों को संक्षिप्त में बात रखी । तमाम औपचारिकता के बाद सभा में वर्ष भर में बस्तर के अंदर घटी घटनाओं व आंदोलन का उल्लेख करते हुए बस्तरिया राज मोर्चा के संयोजक मनीष कुंजाम ने कहा कि बस्तर पर केंद्रित 11 बिंदुओं पर आधारित हमारे मुद्दे हैं । जिसको लेकर अब आंदोलन को व्यापक व तेज करना है, यहां के लोह अयस्क यूरेनियम आदि कनिको का तथा पानी व जंगल का दोहन करने के लिए तेलंगाना के भद्रादी कोत्तागुडेम से किरंदुल तक रेल लाइन डालने और बोधघाट बांध को बनाने की तैयारी चल रही है । यही नहीं दक्षिण बस्तर के सभी मुख्य सड़कों को ज्यादा सौड़ाई वाला बनाने की योजना पर काम हो रहा है। बड़ी-बड़ी प्राइवेट कंपनियों को बैलाडीला की खदाने दिया जा रहा है, इन सब पर तेजी से केंद्र व राज्य सरकारें काम कर रही है । इससे बस्तर का मूल स्वरूप जल, जंगल ,जमीन ,संस्कृति रीति -रिवाज पर खतरा मंडरा रहा है। इससे बस्तर की डेमोग्राफी यानी जनसंख्या संतुलन जो अब तक मूल निवासियों की और झुकी है। वहां खत्म हो जागा । उन्होंने बस्तर के इतिहास में हुई ऐतिहासिक विद्रोह का उल्लेख करते हुए कई सभी लड़ाइयां बाहरियों जैसे सामंत ,दीवान जमीदार जागीदार, अंग्रेजों व व्यापारियों के खिलाफ था। जो कि वे उस समय के शोषण अत्याचार के मुख्य केंद्र थे विशेष रूप से भूमकाल विद्रोह का उल्लेख किया।

यादव समाज के संभागीय पूर्व अध्यक्ष व संरक्षक संतोष यादव ने कहा कि हम लोग बस्तर के मूल निवासी हैं, हमारा तकदीर नहीं बदला है, सब कमाई के जगह पर बाहरियों का कब्जा हो गया है। व्यापार पर ठेकेदारी ,नौकरी आदि मूल निवासियों के लिए सपना है। जिसे पा नहीं सकते हैं, उन्होंने सरल और प्रभावी भाषण करते हुए कहा कि अब चुप रहने के दिन नहीं है। युवाओं को इंगित करते हुए कहा कि उठो और हक उकूक लिए गोलबंद होकर संघर्ष शुरू करे युवाओं में बहुत ताकत होती है । अब देखो नेपाल हमारा पड़ोसी देश है वहां के युवाओं ने तकता पलट दिया है, संतोष यादव ने कहा हिंसा भागजनी को अनुचित ठहराया है उन्होंने आव्हान करते हुए कहा कि अब बस्तर के मूल निवासियों के हितों उनके समस्याओं के खिलाफ लड़ने जल जंगल जमीन को बचाने के लिए बस्तरिया राज मोर्चा के साथ जुड़े कोई राजनीतिक दल खास कर भाजपा कांग्रेस यहां के मूल निवासियों के लिए काम नहीं करती है, उन्होंने बस्तर के एमएलए ,एमपी को का उदाहरण देते हुए कहा कि वे सभी बाहरियों से गिरे रहते हैं हमारे लोग पीछे खड़े रहते हैं सिर्फ एक ही कारण है कि बस्तर के मूल निवासियों आदिवासियों में चापलूसी करने या उनर या गुण नहीं होता है।
धाकड़ समाज के संभाग के अध्यक्ष एवं बस्तर संभाग के पिछड़ा वर्ग महासभा के अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने बस्तरिया राज मोर्चा को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि हम सब लोगों को मिलकर एकजुट होकर काम करना होगा।
कोया समाज के संभागीय संरक्षक सोमारु कौशिक ने कहा कि बस्तरिया राज मोर्चा नया संगठन है, और बस्तर के लोगों को नयी राह दिखा रहा है, जिसमें सभी को शामिल होना चाहिए।
दंतेवाड़ा के जिला पंचायत सदस्य सोमारू राम कड़ती ने कहा कि BRM के संयोजक मनीष कुंजाम के जोश भरने तथा उनके मार्गदर्शन में बैलाडीला एनएमडीसी में नौकरी स्थानीय लोगों के देने के मुद्दे पर शानदार आंदोलन कामयाब हुआ था।
*बस्तरिया राज मोर्चा का बस्तर राज समिति का किया गया गठन
जिसमें 7 सदस्य होंगे जो इस प्रकार है-
1. हिड़मो मंडावी,(संभागीय अध्यक्ष कोया समाज )
2. संतोष यादव (संभागीय पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान संरक्षक यादव समाज)
3. तरुण धाकड़ (संभागीय धाकड़ समाज व अन्य पिछड़ा वर्ग महासभा अध्यक्ष)
4. देवदास कश्यप (जिला अध्यक्ष कोया समाज)
5. राजू बघेल (माहरा समाज अध्यक्ष)
6. मनीष कुंजाम (बस्तरिया राज मोर्चा)
7. रामा सोढ़ी(जिला प्रभारी बस्तरिया राज मोर्चा सुकमा)
इस अवसर पर सर्वसम्मति से बस्तर राज समिति का संयोजक मनीष कुंजाम को बनाया गया।

अध्यक्षीय भाषण करते हुए निरमो मंडावी ने बस्तर के आदिवासी मूल निवासियों को एकजुट होने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील किया।
सभा को महारा समाज के सुकमा जिला संरक्षक रामलाल कश्यप ,परसगांव के सेवानिवृत शिक्षक मंसाराम मरकाम ने भी संबोधित किया। संचालन जी.आर. नेगी ने किया। मंच पर सेन समाज के मन्ना लाल सेन, कलार समाज के सुकमा जिला अध्यक्ष शिवो राम सिंह, यादव समाज के जिला अध्यक्ष टड़गु राम यादव, साहू समाज के पालन साहू, के अलावा ,जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम, बस्तरिया राज मोर्चा के प्रमुख पदाधिकारी कवासी हांदा, सोनाधर नाग, रामधर बघेल, संतोष संतोष इंडो कोसा, सोड़ी, दंतेवाड़ा के युवा नेता तुलसी मरकाम मंगल कुंजाम,करण तामो, आदिवासी समाज के जिला सुकमा के मनमोहन ब्रिज, कोन्टा जनपद उपाध्यक्ष निड़मा मांडवी, पूर्व अध्यक्ष आयती काल्मू ,सरपंच अंजलि पोडियम, जनपद सदस्य कटेकल्याण मांगो सोरी, कुम्हार समाज के जिला अध्यक्ष तुलसी राम नाग , लेटी देवा,गुप्ता समाज के मुकेश गुप्ता, सुखलाल यादव, शैलेन्द्र कश्यप,देवा राम सोढ़ी, राजेश नाग, रामकुमार पोड़ियाम,इरफान ,उमेश मरकाम, मानका सोड़ी पी भीमा, भीमा मरकाम, आदि उपस्थित रहे।







