Sukma
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा के सुदूर अंचल क्षेत्रों में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकासात्मक कार्यो में तेजी लाने लगातार प्रयास व संघर्ष जारी है । बस्तर आईजी सुन्दरराज पी. एवमं डीआईजी कमलोचन कश्यप सीआरपीएफ डीआईजी राजेश पांडेय रेंज कोन्टा के मार्ग-दर्शन एवं सुकमा किरण चव्हाण आला अधिकारियों संघर्ष से एक और उपलब्धि सुरक्षा बलों ने हासिल की है । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित नियद नेल्ला नार योजना के तहत जिला सुकमा एवं तेलंगाना राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र मरईगुड़ा- गोलापल्ली – किस्टाराम मार्ग में नवीन सुरक्षा कैम्प ‘‘वीरागंगलेर” दिनांक 12.09.2025 को स्थापित किया गया। नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में माओवादियों के अन्तर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगेगा व नक्सल विरोधी अभियान संचालन में तेजी आयेगी एवं आप-पास क्षेत्रों में निवासरत् ग्रामीणों को विकासात्मक कार्य एवं मूलभूत सुविधायें जैसे कि सड़क, पुल/पुलिया निर्माण, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकाने, अच्छी शिक्षा, मोबाईल कनेक्टिविटी का विस्तार आदि की सुविधायें मिल पायेगा। नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के आम-जन उत्साहित है।
Success achieved so far in anti naxal operation

विदित हो कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना अन्तर्गत कुल 15 नवीन सुरक्षा कैम्प टेकलगुड़ेम, पुवर्ती, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, पुलनपाड़, लखापाल, तुमालपाड़, रायगुडे़म, गोलाकोण्डा, गोमगुड़ा, मेटागुड़ेम , उसकावाया नुलकातोंग, तुमालभट्टी वीरागंगलेर सुरक्षा कैम्प स्थापित की गई है । वहीं इसके फलस्वरूप वर्ष 2024 से अबतक नक्सल विचारधारा को त्यागकर 518 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किये एवं सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 63 माओवादी को मार गिराने व 447 माओवादियों को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की है ।







