Konta
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत आने वाले नक्सल प्रभावित रहे जिलों में बतौर थाना प्रभारियों के रूप में पुलिस प्रशासन में सेवा दिए अधिकारियों को भी इतिहास में नही बुला जा सकता । ऐसे ही एक जांबाज नगर निरीक्षक सलीम खाखा जो कि राज्य के अंतिम विधानसभा क्षेत्र कोंटा में सेवा देने के बाद स्थानांतरण ( Transfer ) होने के बाद कोण्टा में भावभीन विदाई दी गई । 1999 में राज्य पुलिस प्रशासन में सेवा देने की शुरुआत करते हुए TI सलीम खाखा ने बस्तर में 14 वर्ष अपनी सेवा दी । मैदानी इलाके शहर की ओर बिलासपुर स्थानांतरण ( Transfer ) हुए । थाना प्रभारी को विदाई देने कोण्टा थाना में गुरुवार के जनप्रतिनिधि एवं ब्लॉक मुख्यालय नगर के अधिकारीगण नागरिकों सहित पत्रकारों ने पहुंच उन्हें शुभकामनाएं दी ।

कुशल नेतृव एवं मिलान सार व्यक्तितत्व के धनी सलीम खाखा
कोंटा के नगर निरीक्षक सलीम खाखा के बिलासपुर स्थानांतरण के उपलक्ष्य में थाना परिसर में भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की,वर्तमान एसडीएम प्रभार सुमित ध्रुव,नगर पंचायत सीएमओ झमन साहू, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों,थाना स्टाफ,पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने पुलिस अधिकारी सलीम खाखा को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके सफल कार्यकाल की सराहना की तथा नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में सभी ने उनके सरल व्यवहार, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए भावपूर्ण विदाई दी।वहीं विदाई समारोह में गणमान्य नागरिकों एवं अन्य लोगो ने सलीम खाखा के एक वर्ष के कार्यकाल को कोन्टा के लिए सुनहरा बताया। उनके कार्यकाल में कुछ भी ऐसी विवादास्पद घटनाए नही हुई। सलीम खाखा एक कुशल नेतृव एवं मिलान सार व्यक्तितत्व के धनी है।जिन्होंने अपने बस्तर के अनेक थानों में कर्तव्य के दौरान हर किसी के साथ बेहतर तालमेल बना कर अपने दक्षता का परिचय दिया । बारी बारी जनप्रतिनिधियों ने अपने वक्तव्य में सलीम खाखा के कर्तव्यपरायण को याद कर उन्हें शुभकामनाएं दी । वही वरिष्ठों ने भी जांबाज अधिकारी की तारीफ करते हुए उज्वल भविष्य की कामना की।

14 साल दी नक्सल प्रभावित इलाके में सेवा,जताया आभार
अपने कार्यकाल व क्षेत्र से विदा होने की मलाल लिए हुए एक साल कोन्टा नगर निरीक्षक के रूप में सेवा दिए सलीम खाखा भावुक दिखे । उन्होंने अपने विदाई समारोह में शामिल हुए सभी का धन्यवाद देते हुए कहा कि बस्तर में मुझे 14 वर्ष हो चुके है। इसमें सबसे अच्छा अनुभव सुकमा जिले के विभिन्न थानों में पदस्थापना के दौरान मिली। जहां भी रहा वहां के जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं मुख्य रूप से पत्रकारों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ जिसके लिए मैं शुक्रगुजार हूं। वही उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि पुलिस के पहली भर्ती 1999 में हुई।सलवा जुडूम शुरुआत होने के बाद जब नक्सलवाद अपने पूरे जोश पर था तब मुझे 2012 में बस्तर में पहली पोस्टिंग दी गई थी। गोलापल्ली थाना में मुझे बतौर थानां प्रभारी दिया गया था व हेलिकॉप्टर से ले जाया गया। पहुँचते ही नक्सलियों ने दूसरे ही दिन मेरा स्वागत एक पाइप बम को थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर लगाकर धमाका किया था। अब तक के मेरे 27 वर्ष के कार्यकाल में 14 वर्ष मैंने घोर नक्सल क्षेत्र में बिताया। 2015 एवं 16 में डीआरजी में रहा। इस दौरान भी हमने सुकमा जिले के अधिकांश भू -भाग में घूम चुका। मैंने अपने कार्यकाल में जिस भी थाना में रहा वहां के ग्रामीणों से हमेशा ही संवाद करता आया हुं । उन्होंने कहा कि नक्सलियों के चरम से लेकर अंत तक यानी नक्सलियों के सबसे बड़े चेहरे हिड़मा के एनकाउन्टर तक मैंने देखा है । और हिड़मा के डेड बॉडी को लेने गया था । इस दौरान एएसपी ,व एसडीपीओ सहित थाना के समस्त स्टाफ ने भावपूर्ण विदाई दी। वही सलीम खाखा ने इस दौरान अपने कार्यकाल में पत्रकारों को विशेष धन्यवाद दिया ।






