Sukma
छत्तीसगढ़ के कांकेर एवमं सुकमा जिला में माओवाद संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटते हुए दर्जनों नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है । अब तक की सबसे बड़ी खबरों में सुकमा में 50 लाख के ईनामी कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने सरेंडर किया है। जिनमें 10 महिला सहित 17 पुरूष नक्सली शामिल है । आज जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति एवं नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर 27 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है । ज्ञात हो कि अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने तथा पुलिस के बढ़ते प्रभाव के चलते यह सरेंडर प्रमुख माना जा रहा है । ज्ञात हो कि माओवादियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी माओवादियों के द्वारा भेदभाव करने स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर माओावादी संगठन में सक्रिय संगठन ने यह कदम उठाया है । मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से आज 15 अक्टूबर के सुकमा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों एवमं पत्रकारों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है ।

कंपनी नंबर पांच की टीम राजू नामक नक्सली लीडर के साथ कांकेर पहुंची
माओवाद संगठन ने 15 अक्टूबर तक हथियार डाल मुख्यधारा में जुड़ने की बात कही थी । जिसे सत्य साबित करते हुए इस माह में बड़े स्तर पर आत्मसमर्पण माओवादी संगठन द्वारा किया जा रहा है । कांकेर जिले में भी उत्तर बस्तर का सबसे बड़ा माओवाद संगठन का कैडर आज आत्म समर्पण कर रहा है । जिससे आज छत्तीसगढ़ का पुरा पुलिस महकमा गदगद है । और छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद की समाप्ति को अपने आंखों से देख रहा है । बताया जा रहा है कि कांकेर में तीन बसों में माओवाद संगठन के नक्सली आत्मसमर्पण करने सुरक्षा बलों तक पहुँच चुके है । जिसको लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी कह रहे है कि अब वह दिन दूर नही छत्तीसगढ़ जल्द नक्सलवाद मुक्त राज्य होगा ।






