Jagadalpur
महाराष्ट्र अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र स्थित अबूझमाड़ में सुरक्षा व माओवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है । नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन ने बताया कि इस मुठभेड़ में माओवाद संगठन के केंद्रीय कमेटी सीपीआई माओवाद के दो बड़े कैडरों को ढ़ेर कर दिया गया है । मारे गये माओवादियों में केंद्रीय समिति के सदस्य राजू दादा उप कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उप कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है। दोनों पर छत्तीसगढ़ राज्य में 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, एक बीजीएल लॉन्चर, भारी मात्रा में विस्फोटक, माओवादी साहित्य एवं अन्य सामग्री बरामद की गई है।

मारे गए माओवादी कैडरों की मूल प्रोफ़ाइल
राजू दादा उप कट्टा रामचंद्र रेड्डी उप गुड़सा उसेंदी उप विजय उप विकल्प आयु 63 वर्ष पिता मल्ला रेड्डी निवासी करीमनगर तेलंगाना सीपीआई माओवादी संगठन में
केंद्रीय समिति सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा 40 ईनामी मारा गया । वहीं अन्य नक्सली कोसा दादा उप कादरी सत्यनारायण रेड्डी उप गोपन्ना उप बुचन्ना
आयु 67 वर्ष पिता कृष्णा रेड्डी निवासी करीमनगर तेलंगाना सीपीआई माओवादी संगठन में केंद्रीय समिति सदस्य ईनामी 40 लाख रूपए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा घोषित को ढ़ेर कर दिया गया । इनके आपराधिक रिकॉर्ड एवं अन्य राज्यों तथा एजेंसियों द्वारा घोषित इनाम से संबंधित विवरण एकत्रित किए जा रहे हैं।
केंद्रीय समिति के दोनों सदस्य राजू दादा और कोसा दादा पिछले तीन दशकों से दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति में सक्रिय थे और अनेक हिंसक घटनाओं के मास्टरमाइंड रहे हैं, जिनमें कई जवान शहीद हुए और निर्दोष नागरिकों की जानें गईं। वहीं मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान एक एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल, एक बीजीएल लॉन्चर, भारी मात्रा में विस्फोटक, माओवादी साहित्य एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बरामद की गईं ।

बस्तर IG ने की माओवादियों से वापस लौटने की अपील
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी. ने कहा कि प्रतिबंधित माओवादी संगठन के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों से संगठन को बड़ी चोट पहुँची है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद बस्तर में तैनात पुलिस और सुरक्षा बल भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार तथा बस्तर की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा कर रहे हैं । बस्तर आईजी IG ने एक बार फिर माओवादी कैडरों और उनके नेतृत्व से अपील की कि वे यह स्वीकार करें कि माओवादी आंदोलन अब अपने अंत की ओर है। यह समय है कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटें और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा और लाभ प्राप्त करें ।







